Get Even More Visitors To Your Blog, Upgrade To A Business Listing >>

Blog Directory  >  Spirituality Blogs  >  Religion Blogs  >  Ravan ne Bali se Maangi Sahayata religion Blog  > 

Ravan Ne Bali Se Maangi Sahayata Blog


gyanyog.net
Ravan ne Bali se Maangi Sahayata आज हम आप को रावण की एक और हार के बारे में बटकरते है जो राम और रावण युद्ध के दौरान हुए पर राम से भी पहले रावण कितनो से पराजित हुआ | राम रावण युद्ध के दौरान रावण को ऐसा एहसास हुआ की कन्हि वो हार न जाएँ । युध मे एक के बाद एक राक्षस मर रहैं थे । श्रीराम की वानर सेना का जद नुक्सान नहि हो रहा था । देख्ते ही देखते रावन के बहुत से योधा मरते गये। तब रावण के मन में भय का आभास हुआ की युद्ध में उसकी पराजय होगयी तो क्या होगा| उसने मन ही मन अहंकार की भावना व्यक्त करते हुए सोचा, “अरे! मैं तो लोकेश्वर हूं। मुझको कोई हरा नहीं सकता | सभी देवता भी मुझसे डरते है | फिर कोई मेरेको कैसे मार सकता है | रावण अपने अहंकार में साथ को समाज नहीं पा रहा था किसी भी देवता एवं प्राणी में इतनी शक्ति नहीं जो लंकेश्वर का विनाश करने की क्षमता रखता हो। रावण के उस विचार ने उसको टोरी सांत्वना दि पर फिर उसको चिंता सताने लगी की किसी तरह कोई उसको पराजित करने की हालत में पंहुचा दे तो कैसे बचे | लेकिन ऐसा कोई व्यक्ति या कोई राजा कैसे मिलेगा | रावण ने बहुत सोचा और उसको राजा बलि की याद आयी वोही एक मात्र व्यक्ति है जो उसकी सहायता कर सकता है और वो भी राक्षस कुलका है|

Share the post

Ravan ne Bali se Maangi Sahayata

×

Subscribe to Ravan Ne Bali Se Maangi Sahayata

Get updates delivered right to your inbox!

Thank you for your subscription

×