Get Even More Visitors To Your Blog, Upgrade To A Business Listing >>

काल कोठरी त्रासदी – जब 146 अंग्रेजो को एक कमरे में कचरे की तरह भरकर मार दिया गया था .



यो तो इतिहास कई रोचक घटनाओ से भरा पड़ा है . पर  कुछ घटनाये ऐसी होती है जिन्हें आज भी याद कर के सिरहन सी पैदा हो जाती है. हम आज बात कर रहे है ऐसी ही एक घटना की जो भारत के ही कोलकाता में हुए थी . जब 146 जिन्दा अंग्रेजो को 18 फीट लम्बे 10 फीट चौड़े कमरे में भूखे प्यासे बंद कर दिया गया था बाद में जिसमे से मात्र 23 ही जिन्दा बचे थे .

नबाब का फोर्ट विलियम पर हमला

नबाब सिराजूद्दोला

बात सन 1756 की है . बंगाल के नबाब की मौत के बाद उसका भतीजा  सिराजूद्दोला मात्र 23 साल की उम्र में बंगाल का नया नबाब बना . फोर्ट विलियम जो की उस समय अंग्रेजो के पास था , अंग्रेज फ्रासिसियो के हमले से बचने के लिए उसके चारो तरफ दिवार बनवा रहे थे . नबाब को यह बात खटक गयी और उन्होंने अंग्रेजो को दिवार का निर्माण रोक देने के लिए कहा . अग्रेजो ने इसे गंभीरता से नहीं लिया और दिवार का निर्माण चालू रखा . नए-नए नबाब ने इसे अपनी तौहीन  समझा और 20 जून 1756 को  50000 सेनिको और 500 हाथियों के साथ फोर्ट विलियम पर हमला कर दिया.

काल कोठरी की सज़ा


जैसे ही अंग्रेजो को नबाब के हमले की सुचना मिली वो वंहा से भाग लिए . फोर्ट विलियम की कमान एक डॉक्टर जॉन होलवेल के हाथ में आ गयी. कुछ अंग्रेज सेनिक बच गये थे नबाब की सेना ने उन्हें बंदी बना लिया . उनमे दो महिलाये भी थी . उन्हें पूरी सुरक्षा का आश्वासन दिया गया था परन्तु नबाब की सुचना के बिना उन 146 बंदियों को 18 फीट लम्बी 14 फीट चौड़ी कोठरी जिसमे दो खिडकिया थी बंद कर दिया . बंदियों में महिलाये भी थी . उन पर भी कोई रहम नही किया गया . बंदियों को पीने का पानी भी नहीं दिया गया. अगले दिन सुबह जब कोठरी का दरवाजा खोला गया तो मात्र 23 बंदी जिन्दा थे जिनमें से जॉन होलवेल भी एक थे . जिन्होने बाद में एक किताब लिख कर इस घटना का विश्व से परिचय करवाया .

घटना की विश्वनीयता

घटना के उल्लेखो को पढने के बाद कई इतिहासकारों ने इस घटना के होने पर ही सवाल उठा दिए . इतिहासकार गुप्ता ने लिखा है घटना हुए तो अवश्य थी पर मात्र 64 लोगो को बंद किया गया था . वैसे भी इतनी सी  काल कोठरी में 146 लोगो को बंद करना संभव ही नहीं है . जो भी हो लेकिन इस घटना के बाद अंग्रेजो ने भारतीय राजाओ को बहुत क्रूर रूप में प्रदशित किया और बंगाल पर आक्रमण करने की योजनाये बनाने लगे . जिसकी परिणिति प्लासी के युद्ध के रूप में हुई .

घटना की याद  में बनाया स्मृति स्तंभ




This post first appeared on Netfandu, please read the originial post: here

Share the post

काल कोठरी त्रासदी – जब 146 अंग्रेजो को एक कमरे में कचरे की तरह भरकर मार दिया गया था .

×

Subscribe to Netfandu

Get updates delivered right to your inbox!

Thank you for your subscription

×