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सुलभ शौचालय के बाद अब मिलेगा सुलभ जल का तोहफा, बिहार में मिलेगा दुनिया का सबसे सस्ता पानी

NEW DELHI: बिहार भारत के कई अन्य राज्यों की तरह ही  भूजल प्रदूषण के कारण गंभीर रूप से प्रभावित हुआ है

और आर्सेनिक जैसे रसायनों की वजह से भूमिगत जल अब पीने के योग्य नहीं बचा है। हांलाकि सरकार ये दावा कर रही है कि वो जनता को सबसे सस्ता और स्वच्छ जल मुहैया कराएंगी। पेयजल क्रांति को बढ़ावा देने के लिए नया रोड मैप तैयार किया है।

सरकार ने दावा किया है कि सुलभ जल परियोजना के तहत लोगों को 50 पैसे की कम कीमत में एक लीटर पानी देगी। बचा दें कि परियोजना 'सुलभ जल’ शनिवार को दरभंगा में सुलभ इंटरनेशनल द्वारा शुरू की गई थी। बिहार इस परियोजना के तहत प्रदूषित तालाब के पानी को सुरक्षित पेयजल में परिवर्तित कर दिया जाएगा। बता दें कि सुलभ इंटरनेशनल वही संगठन है जिसने दशकों पहले देश में 'सुलभ शौचालय' की योजना पेश की थी। संगठन द्वारा दिए गए एक बयान के अनुसार, यह परियोजना दुनिया में सबसे सस्ता पेयजल प्रदान करेगी।

परियोजना की नींव दरभंगा नगर निगम के परिसर में हरिबोल तालाब में सुलभ इंटरनेशनल के संस्थापक बिंदेश्वर पाठक ने रखी थी। संस्थापक बिंदेश्वर पाठक ने बताया कि इस परियोजना के लिए लगभग 20 लाख रुपये खर्च होंगे, प्रतिदिन लगभग 8,000 लीटर पीने योग्य पानी मुहैया कराया जाएगा । पाठक ने कहा कि  परियोजना को लंबे समय तक चलाने का प्लॉन है। परियोजना में स्थानीय लोग और गैर सरकारी संगठन का साथ आना जरुरी है। इस परियोजना से कई लोगों को रोजगार भी मिलेगा। परियोजना की शरूआत जल्द दिसंबर तक की जाने की आशा है।

प्रायोगिक परियोजना पश्चिम बंगाल के 24 परगना, मुर्शिदाबाद और नादिया जिलों में सुलभ और एक फ्रांसीसी संगठन के साथ शुरू की गई थी जो सफल रही। पाठक कहते हैं कि यह पहली बार है कि वे बहुत ही कम कीमत पर शुद्ध पेयजल उत्पादन में सफल हुए हैं-कुछ ऐसा जो देश भर के ग्रामीणों से सीधे लाभान्वित होगा।



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