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यहां चलती है ब्यूटी क्वीन बनाने की फैक्ट्री, बच्चों को खुद जवानी के इंजेक्शन लगाते हैं मां-बाप

New Delhi: दुनिया भर में कई सालों से ब्यूटी कॉन्टेस्ट आयोजित होते रहे हैं। मानुषी छिल्लर को Miss world 2017 चुने जाने के बाद भारत की 6 सुंदरियां इस खिताब से नवाजी जा चुकी हैं। भारत के अलावा एक और ऐसा देश है, जो विश्व सुंदरियों के मामले में भारत को टक्कर द

इस देश का नाम है वेनेजुएला। वेनेजुएला भी अब तक Miss World के 6 खिताब जीत चुका है।

वैसे तो ये देश अपनी खनीज पदार्थों के लिए जाना जाता है, लेकिन यहां हर मां-बाप का सपना अपनी बेटी को ब्यूटी क्वीन बनाने का ख्वाब देखते हैं। शायद यही वजह है कि दुनियाभर में सबसे ज्यादा ब्यूटी कॉन्टेस्ट के खिताब वेनेजुएला के पास हैं। यहां की लड़कियां अब तक 22 बार अलग-अलग कॉन्टेस्ट जीत चुकी हैं। लेकिन यहां की लड़कियों को विश्व सुंदरी बनने के लिए बेहद खौफनाक तकलीफें झेलनी पड़ती हैं।

वेनेजुएला से अब तक 6 मिस वर्ल्ड, 7 मिस यूनिवर्स, 7 मिस इंटरनेशनल और 2 मिस अर्थ हुईं हैं, लेकिन इस ताज के लिए उन्हें मोटी कीमत चुकी पड़ी। यहां Beauty contest के लिए लड़कियों को बहुत ही कम उम्र से मॉडलिंग की दुनिया में उतार दिया जाता है। यहां कई ऐसे मामले में भी देखने को मिले हैं, जिनमें 12 साल की उम्र में ही लड़कियों के बट लिफ्ट और नोज सर्जरी हो जाती है। वहीं, 16 की उम्र तक कईयों का ब्रेस्ट इम्प्लांट करा दिया जाता है। 

2013 में मिस वेनेजुएला की कंटेस्टेंट रहीं वी मे नवा ने बीबीसी से बातचीत में खुद माना था कि सॉलिड फूड खाने से बचने के लिए उन्होंने जीभ का ऑपरेशन कराया था। नवा ने इसके अलावा ब्रेस्ट इम्प्लांट, दांतों का ट्रीटमेंट और नाक की सर्जरी भी कराई थी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यहां खुद पेरेंट्स अपनी 8 से 9 साल की बेटियों को ऐसे हार्मोंस देते हैं, ताकि वो जवान होने से पहले उनकी लंबाई बढ़ जाए।

इन सबके बावजूद यहां कई ऐसे मानवाधिकार कार्यकर्ता हैं जो छोटी बच्चियों पर होने वाले जुल्मों को लेकर आवाज उठाती हैं। ऐसी ही एक कार्यकर्ता टाइली कैस्टेलानोस का कहना है कि वेनेजुएला की हर लड़की का सपना Miss Venezula बनने का ही होता है, पर यहां नेचुरल ब्यूटी को प्रमोट नहीं किया जाता। वो महिलाएं प्रमोट होती है, जिनकी बॉडी में सबकुछ नकली होता है। 

टाइली के मुताबिक, मिस वेनेजुएला महिलाओं के लिए कभी भी अच्छा उदाहरण नहीं हो सकता है, क्योंकि वो बेहतर लुक पाने के लिए कुछ भी कर सकती हैं।  मैराकै की रहने वाली टाइली नो टू बायोपॉलिमर्स, यस टू लाइफ ग्रुप की स्पोक्सवुमन हैं, जो महिलाओं को बट इंजेक्शन के लिए इस्तेमाल होने वाले लिक्विड सिलिकॉन के खतरों को लेकर आगाह करता है। देशभर के एक्टिविस्ट्स यहां की पावरफुल ब्यूटी एकेडमीज और ग्लैमरल गर्ल्स के बूट कैम्प्स के खिलाफ हैं, जो 4 साल की बच्चियों तक को कैटवॉक के गुर सिखाते हैं।

कराकस में बेलन्काजार सबसे पुरानी ब्यूटी एकेडमी है, जिसे मिस फैक्ट्री कहा जाता है। ये प्लास्टिक सर्जरी के ऑफिसेज से घिरी है। करीब 600 लड़कियां यहां फिनिशिंग स्कूल अटैंड करती हैं। बेलन्काजार के डायरेक्टर अलेक्जेंडर वेलास्क्वेज ने कहा कि ये स्कूल वेनेजुएला के लिए बहुत ही अच्छे हैं और अपनी इमेज पेश कर रहे हैं। वेलास्क्वेज का कहना है, ''मुझे नहीं लगता कि वेनेजुएला में दुनिया की सबसे खूबसूरत महिलाएं हैं, लेकिन हमें पता है कि कैसे खूबसूरत और परफेक्ट महिलाएं तैयार की जाती हैं। उन्होंने कहा कि यही वजह है कि इंटरनेशनल ब्यूटी कॉम्पीटिशन में हम सबसे बेहतर साबित होते हैं।



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