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डोकलाम: चीनी फोन बने असली जंग का मैदान, कंपनियां नहीं मानीं तो बोरिया-बिस्तर पैक कराएंगे मोदी

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 New Delhi: डोकलाम मुद्दे पर भारत और चीन के बीच खींचतान भले ही सशस्त्र संघर्ष में तब्दील नहीं हो सकता, लेकिन भारत-चीन के बीच एक युद्ध जारी है। भारत यह जंग चीन के खिलाफ एक असामान्य 'युद्धभूमि' पर लड़ रहा है जो है आपका 5 इंच स्क्रीनवाला स्मार्टफोन। चीनी स्मार्टफोन इस्तेमाल करने वाले ज्यादातर भारतीयों को यह नहीं पता कि उनका फोन दोनों देशों के बीच जंग का मैदान बन चुका है।

चीन की स्मार्टफोन कंपनियों द्वारा भारतीयों के डेटा को चीन भेजे जाने की रिपोर्ट्स के बाद भारत सरकार ने इन कंपनियों पर कड़ी कार्रवाई शुरू की है। दरअसल यूनिवर्सिटी ऑफ टोरंटो के एक रिसर्च और कुछ अन्य रिपोर्ट्स में यह बात सामने आई थी कि चीनी स्मार्टफोन कंपनियां भारतीयों के डेटा को चीन भेज रही हैं। भारतीय यूजर्सके इस डेटा का चीन व्यवसायिक के साथ-साथ रणनीतिक उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल कर सकता है।

पिछले कुछ दिनों में सरकार ने सुरक्षा के लिए इन खतरों को लेकर तेजी से कदम उठाए हैं। डेटा लीकेज और चोरी की रिपोर्ट्स के बाद इन्फर्मेशन टेक्नॉलजी मिनिस्ट्री ने 21 स्मार्टफोन निर्माताओं को निर्देश दिया है कि वे भारत में बेचे जाने वाले मोबाइल फोन को इस्तेमाल करने वालों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए किस तरह की प्रक्रिया का इस्तेमाल कर रही हैं। इन कंपनियों में ज्यादातर चीन की कंपनियां हैं। सरकार इन कंपनियों द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारियों की जांच करेगी और सुरक्षा जरूरतों को पूरा करने में फेल होने वाली कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई करेगी।

सरकार चीनी स्मार्टफोन निर्माताओं से भारत में सर्वर स्थापित करने को कह सकती है ताकि यूजर्स के डेटा की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। ध्यान देने वाली बात यह है कि चीन की ज्यादातर स्मार्टफोन कंपनियों के सर्वर चीन में ही हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक Alibaba की uc browser अपने इंडियन यूजर्स के मोबाइल डेटा के कथित लीक को लेकर सरकार के निशाने पर आ चुकी है। अगर uc browser दोषी पाई जाती है तो सरकार इस लोकप्रिय ब्राउजर पर प्रतिबंध लगा सकती है। uc browser Alibaba के मोबाइल बिजनेस ग्रुप का हिस्सा है। Alibaba ने paytm और वन97 जैसी कंपनियों में काफी निवेश किया है।

  paytm के अलावा Alibaba ने ई-कॉमर्स फर्म snapdeal में भी अच्छा-खासा निवेश किया है। गूगल क्रोम के बाद uc browser को भारत में दूसरा सबसे ज्यादा लोकप्रिय स्मार्टफोन ब्राउजर माना जाता है। पिछले साल, uc browser ने दावा किया था कि भारत और इंडोनेशिया में उसके 1 करोड़ मंथली ऐक्टिव यूजर्स हैं।

सरकार को चीन द्वारा डेटा के व्यवसायिक दुरुपयोग की चिंता सता रही है। इसके जरिए चीन भारत में किसी बड़े साइबर अटैक को अंजाम दे सकता है। बता दें कि भारत के स्मार्टफोन बाजार के करीब 54 प्रतिशत पर चीनी कंपनियों का कब्जा है जिनमें श्याओमी, लेनोवो, ओप्पो और वीवो शामिल हैं। सरकार डोकलाम में चीन की दादागीरी के जवाब में दंड के रूप में भारतीय बाजार में चीनी कंपनियों के दबदबे को भी तोड़ने का विकल्प अपना सकती है। मोबाइल फोनों के स्क्रीन की सुरक्षा के लिए इस्तेमाल होने वाले टेंपर्ड ग्लास पर ऐेंटी-डंपिंग ड्यूटी लगाने के सरकार के हालिया फैसले को इसी रणनीति के हिस्से के रूप में देखा जा रहा है।

भारत में चीन की स्मार्टफोन कंपनियां काफी तेजी से बढ़ रही हैं। वीवो और ओप्पो का भारतीय क्रिकेट के सभी बड़े स्पॉन्सरशिप पर कब्जा हो चुका है। वहीं, paytm के पास भारत में सभी क्रिकेट टूर्नमेंट्स की टाइटल स्पॉन्सरशिप है। बता दें कि Paytm में Alibaba का सबसे ज्यादा शेयर है।



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