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इस मुसलमान ने जिन्ना के ऑफर को मार दी थी लात, आज इनका बेटा है सबसे दानवीर उद्योगपति

अपनी आधी संपत्ति दान कर चुके हैं विप्रो के मालिक अजीज प्रेमजी

New Delhi : भारत पाक बंटवारे के बाद लाखों लोगों ने बॉर्डर के दोनों तरफ नए तरीके से जिदंगी शुरू की थी।यूं तो पाकिस्‍तान मुसलमानों के लिए बना, लेकिन आज भी पाक से ज्‍यादा मुसलमान भारत में रहते हैं। 

आज हम आपको ऐसे मुस्लिम बिजनेसमैन और उसकी फैमिली के बारे में बता रहे हैं, जिसने बंटवारे के दौर में पाकिस्‍तान के फाउंडर जिन्‍ना के फाइनेंस मिनिस्टर बनाने के ऑफर को ठुकराकर भारत में रहना पसंद किया।

अजीम प्रेमजी को अपने पिता मोहम्‍मद हासम प्रेमजी से 1966 में वेस्टर्न इंडिया वेजिटेबल प्रोडक्ट्स नामक कंपनी विरासत में मिली थी। बाद में इसका नाम ही WIPRO पड़ा।

बहुत कम लोगों को पता है कि जब देश का विभाजन हुआ, तब मोहम्मद अली जिन्ना ने मोहम्मद हासम प्रेमजी से कहा था कि तुम ‘पढ़े-लिखे मुसलमान हो, एक मजबूत मुस्लिम राष्ट्र बनाने में मेरी मदद करो। मेरे साथ पाकिस्तान चलो और वहां मनचाहा पद संभालो।’

उस समय अजीम प्रेमजी के पिता को राइस किंग ऑफ बर्मा कहा जाता था। उन्‍होंने जिन्ना का ये ऑफर ठुकरा दिया और कहा- INDIA IS MY HOME

अजीम प्रेमजी को महादानी कहा जाता है। अब वे विप्रो का करीबन आधा हिस्सा दान कर चुके हैं। जितनी प्रॉपर्टी वे दान कर चुके हैं उसकी कीमत करीबन 27 हजार करोड़ से अधिक बताई जाती है।

अपने पिता के नख्‍शेकदम पर चलते हुए अजीम प्रेमजी इंडिया को ही अपना एकमात्र घर बताते हैं। 1000 अरब रुपए से ज्यादा बिजनेस 67 देशों में फैला हुआ है पर उनकी जीवनशैली बेहद साधारण है।

 आपको जानकर हैरानी होगी कि वे इकोनॉमी क्‍लास में सफर करते हैं, हजारों करोड़ दान करने वाले प्रेमजी ने अपने ही एक कर्मचारी से सेकंड हैंड मर्सडीज-बेंज खरीदी। प्रेमजी ने अजीम प्रेमजी फाउंडेशन की स्थापना की थी, यह देशभर में स्कूलों को बेहतर बनाने का काम करता है।



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