Get Even More Visitors To Your Blog, Upgrade To A Business Listing >>

गाय का तस्कर नहीं किसान था वो, गलती इतनी थी की मुसलमान था वो -विनय कटियार



Loading...

अलवर में हुए पहलू खान के हात्याकांड को लेकर सोशल मीडिया पर घमासान मचा हुआ है. और आज उन्ही के हत्यारों को क्लीन चिट मिलने के बाद एकबार फिर पहलु खान का मुद्दा गर्माया हुआ है. लेकिन इसमें एक ख़ास बात यह दिखाई इ रही है की, कोई भी सेक्युलर पार्टी के नेता द्वारा किसी भी तरह की कोई एक्शन नहीं ली गयी. ऐसे में मुस्लिम कार्यकर्ताओ समेत सेक्युलर गैरमुस्लिमो ने भी स्वघोषित सेक्युलारो पर निशाना साधा है. विनय कटियार ने सिर्फ दो लाइन में सारी कहानी लिख दी

गाय का तस्कर नहीं किसान था वो
गलती इतनी थी की मुसलमान था वो
इशरत खान
सोचिए जरा, न्याय के नाम पर आखिर अन्याय कब तक होता रहेगा पहलू खान के 6 हत्यारों को क्लीन चिट देकर आज फिर पहलू खान की हत्या कर दिया गया. क्या मुसलमानों की जान इतनी सस्ती हो गई है कि उनके जान की कोई कीमत नही या भारत में संघ से जुड़े हत्यारों को सजा देना पाप हो गया है __________गौ-रक्षा के आड़ में आतंक अभी जारी है इसके बावजूद कोई ठोस कार्यवाही नही होती सरकार हर बार आश्वासन देती है दोषियों को बख्शा नही जाएगा कड़ी कार्यवाही होगी दूसरी तरफ सबूतों के आभाव में हत्यारों को बरी कर दिया जाता है
_______पहलू खान के गौ-आतंकियों द्वारा पिटाई का वीडियो वायरल हुई, पूरी दुनिया ने देखा कातिलों के तस्वीर और नाम साफ पता चल रहा था, जाहिर सी बात है पुलिस ने भी देखा ही होगा क्या इतना सबूत काफी नही है हत्यारों को फाँसी के फंदे तक पहुँचाने के लिए ??
_________यह जिस तरह के फैसले आ रहे हैं चिंता जनक है गौ-आतंकियों की पीठ थपथपाई जा रही है तुम हत्याए करो हम बरी करते रहेंगे
हैरत है जिस सबूत को पूरी दुनिया ने देखा उसी सबूत के आभाव मे क्लीन चिट कैसे मिल गया आत्म चिंतन कीजिए यह कहाँ जा रहा है हमारा भारत ।।
आईये देखते है उबैद-बा-हुसैन की क्या लिखते है.
1. कल अलवर में एक मुस्लिम को मार दिया गया, चार घायल हैं भाई इस देश में ये प्राथमिकता नहीं है. आज कल मुसलमान सिर्फ पिछडो से भी पिछड़ा नहीं बल्कि एक अंक बन गया है गाजर और मूली बन गया है, जिस के मरने के बाद खुद को सेक्युलर कहने वाले अरविन्द केजरीवाल, राहुल गांधी, अशोक चव्हाण से लेकर मुसलमानो को भी आजकल एक मुसलमान के मर जाने का गम नहीं होता.

2. खैर, किसी से उम्मीद नहीं बची है के वो हमें बचाने आएंगे, इत्तिहास गवाह रहा है के जब जब अल्पसंख्यको पर हमले हुए हैं कांग्रेस से लेकर समाजवादियों तक बसपा से लेकर कम्युनिस्ट तक सब हाथ पे हाथ धरे खामोश रहे.

3. आज हर एक मुसलमान ने भी अपने मरने कि तयारी कर रखी है अगर वो नमाज़ से घर वापस लौट रहा होगा तो मोहसीन शेख की तरह मार दिया जायेगा, अगर वो अपने घर में अपने परिवार वालों के साथ आराम से बैठा हो तो अख़लाक़ की तरह मार दिया जायेगा, रूम में पढ़ाई करता बैठा हो तो नजीब की तरह गायब कर दिया जायेगा, अपने ऑफिस में बैठ कर किसी का केस लड़ने की तैयारी कर रहा होगा तो शाहिद अंसारी की तरह मार दिया जायेगा, पोलिस कस्टडी में भी खुद पोलिस मार देगी और जेल में हो तो फरार कर इनकाउंटर कर दिया जायेगा. इन सब के साथ मुजफर नगर से लेकर हाशिममपुरा के फसादात में मरने वाले मुसलमान ही हैं.



4. देश में 22 करोड़ मुसलमान हैं, मान ही लीजिए संघ और उससे जुड़े संघटन वालों ने हम सब को मार ही दिया, आप तो बचे रहेंगे, किया हासिल होगा ? हमारी लाशो को कहाँ कहाँ ठिकाने लगाओगे, हमारे लहू की नदी गंगा के समान बहेगी और उससे बहते पानी की आवाज़ आप से सवाल करेगी, वो पूछेगी क्या और कोई मुस्लमान बचा है इस विराट भूमि पर ? जब मुसलमान खत्म होंगे तो सिर्फ हमारी रूह इस ज़मीन पर परेशां नहीं होगी, परेशां तो आप भी होंगे जब देर रात हवा में हमारी लाशो से निकलती बदबो आप को सोने नहीं देगी ? जब आप के बचे हमारे कंकाल देखेंगे तो सवाल करेंगे के ये क्या है ? क्या जवाब दोगे ?
5. पर जब तक आप हम सब को मार डालोगे तब तक आप भी तो वहशी बन जाओगे, फिर किस को अपना निशाना बनाओगे ? जब 22 करोड़ मुसलमानो को मार डालोगे तो अपनी खून की बहाने की आदत से मजबूर फिर किसका खून बहाओगे ?

6. आज जो लोग मुसलमानो की मौत पर एक आह! भी नहीं करते उन्हें भी याद रख लेना चाहिए के इस विराट भूमि पर जब आग लगेगी तो आग आप के दामन तक ज़रूर आएगी, उस समय हम कहीं दूर आसमान में बैठे ये देख रहे होंगे किस तरह जात-पात की लड़ाइयों में खून बहेगा..जो आज खामोश है तमाशाई हैं इसका विरोध तक नहीं करते कल आपके लिए भी कोई नहीं आएगा, याद रखना...!
उबैद-बा-हुसैन
सामाजिक कार्यकर्ता, नांदेड (महाराष्ट्र)
यह घटनाएं हात्या अभी रुकी नहीं, झारखण्ड में बच्चा चोरी के झूठे इल्जाम में और हाल ही में ट्रेन में एक मुस्लिम की हात्या की गयी.....
loading...
 


This post first appeared on Activist007, please read the originial post: here

Share the post

गाय का तस्कर नहीं किसान था वो, गलती इतनी थी की मुसलमान था वो -विनय कटियार

×

Subscribe to Activist007

Get updates delivered right to your inbox!

Thank you for your subscription

×