Get Even More Visitors To Your Blog, Upgrade To A Business Listing >>

चम्बा फर्स्ट: इंजिनियर डॉ० उमेश राठौर ने अपने सात सूत्रीय विज़न डॉक्यूमेंट में दी शिक्षा को प्राथमिकता

चम्बा के युवाओं को सिर्फ उच्च शिक्षा और बुनियादी सुविधाएँ मिले तो वह स्वयं ही अपनी और चम्बा की तस्वीर सँवार देगा, चम्बा निवासी, इंजीनियर, डॉ० उमेश राठौर ने हिमवाणी से #चम्बाफर्स्ट मुहिम के सिलसिले में मुलाकात के दौरान कहा।

डॉ० राठौर, जो देश-विदेश की कई संस्थाओं में अपनी सेवाएँ दे चुके है और वर्तमान में हिमाचल प्रदेश के एक तकनीकी शिक्षण संस्थान में विभागाध्यक्ष के पद पर कार्यरत हैं, ने कहा, जब एक बार हम समर्थ हो जाते हैं तो तरक्की के रास्ते अपने आप खुल जाते हैं। इसलिए आज के युवाओं को सिर्फ एक बार समर्थ बनाने की आवश्यकता है।

भारत सरकार द्वारा चम्बा जिले को पिछड़े जिलों की तालिका में शामिल किये जाने के बाद चम्बावासियों द्वारा ‘चम्बा रीडिस्कवर’ अभियान चलाया जा रहा है। हिमवाणी भी #चम्बाफर्स्ट नमक अभियान द्वारा चम्बयालों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है। इसी सिलिसले में डॉ० राठौर ने हिमवाणी से तमाम अनुभव साझा किये और अपना विजन डाक्यूमेंट्स भी पेश किया।

बच्चों को पता ही नहीं कि करना क्या है

एनआईटी से बीटेक और पंजाब से पीएचडी कर चुके डॉ० उमेश राठौर ने बताया कि जमा दो की पढ़ाई के बाद यहाँ के विद्यार्थियों को पता ही नहीं होता कि आगे क्या करें। जबकि वे परीक्षा में अच्छे नंबर लाते हैं। ऐसे में उन्हें इस मोड़ पर सबसे ज्यादा कैरियर काउंसिलिंग की आवश्यकता होती है।

एक पुरानी घटना का जिक्र करते हुए डॉ० राठौर ने बताया:

“मैं एक कम्पनी में कार्यरत था। उस समय एक मेधावी छात्र जिसने जमा दो में 75 प्रतिशत से ज्यादा नंबर पाए थे, वह मेरे पास आया और आगे कॉलेज के बारे में पूछने लगा। जब मैंने उसकी मार्कशीट देखी तो मैं दंग रह गया। वह टॉपर्स में था। लेकिन, उसे कुछ नहीं पता कि आगे क्या करना है।”

बकौल डॉ० राठौर ने उन्हें इंजीनियरिंग में जाने की सलाह दी। कहतें हैं कि उन्हें ख़ुशी है कि उनके परामर्श और मार्गदर्शन से सैकड़ों की संख्या में बच्चें बेहतर अध्ययन और सेवा क्षेत्र में जा चुके हैं। लेकिन इसे और भी बढ़ाना है।

पॉलिटिकली एक्टिव होना होगा

डॉ० राठौर ने बताया कि आज हमें अपनी बातों को मनवाने के लिए सबसे पहले शासन प्रशासन तक पहुँचानी होगी। उसके लिए, सबसे अनिवार्य, हमें पॉलिटिकली एक्टिव होना पड़ेगा। अपनी बातों को तर्कानुसार कहना पड़ेगा और एक संगठित दबाव समूह बनाना पड़ेगा। ऐसे समूह में सवाजसेवी, वैज्ञानिक, शिक्षाविद, राजनैतिक लोग होने चाहिए।

चम्बा को एक मंच के नीचे आना होगा

अलग-अलग भौगोलिक परिस्थितियों के कारण चम्बयाल की पहचान शायद छोटी छोटी जातियों, समुदायों में सिमट गयी है। उस पहचान को फिर से हासिल करना होगा और सभी को एक मंच के नीचे आना होगा, “जिससे हमारी माँगें, चम्बा के हक में उठे और हम चम्बा के भविष्य को उसके गौरवशाली अतीत की तरह स्वर्णिम बना सकें।”

चम्बा से अगर अधिकारी बनेगा तो वह चम्बा के लिए कुछ अवश्य करेगा

डॉ० राठौर ने कहा कि अगर हमारे बीच का कोई बच्चा अधिकारी बन गया, कमीशन पास करके एचएएस या आईएएस बन गया, तो वह चम्बा के विकास के बारे में ज़रूर सोचेगा। अगर वह किसी लायक होकर सोचेगा तो वह अपने प्रयास को अमली जामा पहनाने का कोई न कोई रास्ता ज़रूर निकाल लेगा। इसलिए जरूरत है उन्हें शिक्षा के साथ-साथ बुनियादी सुविधाएँ मिलें।

चम्बा के इस विजन डाक्यूमेंट्स में है चम्बा की समस्या का समाधान

अपने विजन डाक्यूमेंट्स में डॉ० राठौर ने चम्बा के लिए सात सूत्रीय प्राथमिकताएं तय की हैं:

शिक्षा के क्षेत्र में

  • मेडिकल कालेज में बेहतरीन स्वास्थ्य सुविधाओं के साथ पूरी तरह से कार्य हो
  • इंजीनियरिंग कालेज के साथ-साथ केन्द्रीय विश्वविद्यालय का एक्सटेंशन सेंटर चम्बा में खोला जाए
  • कार्यरत आईटीआई कालेज में ट्रेड की संख्या बढ़ाई जाए
  • पीजी लेवल के लिए अन्य विषयों को शामिल किया जाए
  • प्राथमिक और जमा दो के लिए आधुनिक सुविधाओं से युक्त स्कूल कालेज चम्बा जनपद में खोले जाएं
  • खेल शिक्षा के साथ साथ विज्ञान के लिए बेहतर प्रयोगशाला और पुस्तकालयों की व्यवस्था की जाए
  • चुराह और हिमगिरी क्षेत्र में पालीटेक्निक कालेज की स्थापना की जाए
  • उच्च शिक्षा के क्षेत्र में संचालित सभी राजकीय महाविद्यालयों को अपग्रेड करने के साथ साथ उसमें रोज़गार शिक्षा जैसे बीबीए, एमबीए बीसीए और एमसीए जैसे कोर्स का संचालन किया जाए
  • प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए कोचिंग का प्रबंध किया जाए

इन्फ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में

  • चम्बा-पठानकोट नेशनल हाईवे को दो लेन किया जाए
  • जोत-चम्बा, तीसा-किलर नेशनल हाईवे को जल्द से जल्द चालू किया जाए
  • लम्बे समय से प्रस्तावित टनल का निर्माण कार्य आरम्भ करवाया जाए और निर्धारित समय के अंदर उसे पूरा किया जाए
  • चम्बा को पठानकोट से रेल मार्ग द्वारा जोड़ा जाये
  • पक्का ताला को गाड़ी चलाने लायक सड़क द्वारा बाल्लू से जोड़ा जाए
  • चम्बा शहर के खोखा शक्ल वाले दुकानों को मल्टीस्टोरी बिल्डिंग में परवर्तित किया जाए
  • चम्बा में एक ऑडिटोरियम और टाउन हाल जल्द से जल्द बनवाया जाए
  • पुराना बस स्टैंडक्षेत्र में बहुमंजिला पार्किंग बनवाई जाए
  • चम्बा में संचालित ज्यादातर राष्ट्रीयकृत बैंक अपर्याप्त जगहों में संचालित किये जा रहे हैं। सभी के लिए एकल केंद्रीयकृत जगह बनाई जाए
  • इसके अलावा चम्बा को आपस में बाहर जोड़ने वाली सभी सम्भावित रूट्स पर काम शुरू किया जाए

पर्यटन के क्षेत्र में

  • पर्यटन के क्षेत्र में संभावनाओं को गति देने के लिए चम्बा के हिमाचल पर्यटन द्वारा संचालित इरावती होटल को अपग्रेड किया जाए
  • पर्यटन संभावित जुम्हार, साहो कोहलाड़ी, जोत सलूनी क्षेत्रों में भी पर्यटन विभाग द्वारा छोटे होटल संचालित किये जाए
  • चंबा में पैराग्लाइडिंग के लिए उपयुक्त स्थानों (मेहला गागला, झुलारा कियानी, धरोट-राजनगर) का विकास किया जाए, जिससे रोजगार के नए अवसर बनाये जा सकें
  • चौगान से मांगला, पोहलानी से खाज्जियार, भलीमाता मंदिर से लेकर कोडीयानी माता मंदिर के लिए रोपवे बनाया जाए
  • पानी की अधिकता होने के कारण इससे जुड़े स्पोर्ट्स के लिए चम्बा में विशेष अवसर हैं। चम्बा के युवाओं को पर्यटन से जुड़ा प्रशिक्षण दिया जाएं। इसके साथ ही वाटर स्पोर्ट्स और एडवेंचर को पर्यटन के साथ जोड़ा जाए

उद्योग के क्षेत्र में

  • उदयपुर-चनोड-भनोटा क्षेत्र सेब उत्पादन क्षेत्र हैं। वहां पर सेब उत्पादों से सम्बंधित कारखाने लगाएं जाएं
  • सीकरीधार सीमेंट प्लांट अति शीघ्र चलाया जाए। इससे 10 हजार से ज्यादा रोजगार के अवसर सृजित होंगे
  • तीसा के साथ-साथ कियानी, राजनगर, नैनिखाद ककीरा, मेहला चोवारी क्षेत्र में कृषि और बागवानी से सम्बंधित लघु उद्योग स्थापित किये जाएं। इसके साथ साथ लघु हाइड्रो पॉवर प्रोजेक्ट लगाए जाएँ।

कृषि और बागवानी के क्षेत्र में

  • कृषि और बागवानी के विकास के लिए उत्पादकों हेतु सब्जी और फल मंडी की स्थापना की जाए
  • बहुराष्ट्रीय कम्पनियों द्वारा मॉडर्न कोल्ड स्टोरेज की स्थापना की जाए, जहाँ सेब समेत सभी उत्पादों का भंडारण किया जा सके
  • तीसा, सलूनी, साहो को आजादपुर मंडी से दिल्ली के लिए बस सेवाएँ शुरू की जाएँ
  • कृषि और बागवानी विश्वविद्यालयों के एक्सटेंशन सेंटर चम्बा क्षेत्र में खोले जाएं, जहाँ से लोग कृषि और बागवानी में स्नातक की शिक्षा प्राप्त कर बेहतर कृषि और बागवानी के क्षेत्र में काम करें

खेल के क्षेत्र में

  • चम्बा के युवाओं के लिए चम्बा के विभिन्न क्षेत्रों में विश्व स्तरीय बहुउद्देशीय इनडोर स्टेडियम बनाए जाएँ
  • एक क्रिकेट स्टेडियम के साथ, क्रिकेट अकादमी भी चम्बा में स्थापित की जाए

अन्य क्षेत्रों में

  • प्रमुख छः क्षेत्रों के अलावां चम्बा के समस्त ऐतिहासिक मंदिरों पर तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है, क्योंकि ज्यादातर मंदिर इस समय बहुत बुरी हालत में हैं
  • पुरातत्व सर्वेक्षण के साथ एक अहम योजना बनाकर चम्बा की धरोहरों को संरक्षित करने की आवश्यकता है
  • इसके अलावा चम्बा में एक सांस्कृतिक धरोहर केंद्र बनाकर, चम्बा की सांस्कृतिक विरासत और ऐतिहासिक घटनाओं से जुड़ी वस्तुओं को संरक्षित किया जाए
  • इसके साथ चम्बा की ऐतिहासिक और समृद्ध संस्कृति और कला को देखते हुए एक ललित कला का कॉलेज चम्बा में स्थापित किया जाए

भारत सरकार द्वारा चम्बा को पिछड़े जिलों की सूची में शामिल किये के जाने के बाद, से चम्बयालों द्वारा चम्बा रीडिस्कवर जैसे अभियान यहाँ की सिविल सोसाइटी द्वारा चलाये जा रहे हैं। उनके इस अभियान में हिमवाणी भी चम्बा फर्स्ट (#ChambaFirst) नामक अभियान चलाकर कन्धे से कन्धा मिलाकर चल रहा है।

चम्बा फर्स्ट अभियान से जुड़ें

यह लेख #ChambaFirst (चम्बा फर्स्ट) अभियान के तहत लिखा गया है। इस अभियान के तहत हम आप तक चम्बा के अलग अलग पहुलओं को लाते रहेंगे। हमारा प्रयास रहेगा की हम जनता के विचार एकत्रित कर, चम्बा को पिछड़ेपन के खिताब से मुक्त कराने हेतु, रीडिसकवर चम्बा के साथ मिल कर एक श्वेत पत्र लाएं जिसमें चम्बा के विकास के लिए विचार प्रस्तुत होंगे।

आप अपने विचार, लेख, हिमवाणी को editor[at]himvani[dot]com पे भेज सकते हैं। इसके इलावा Facebook और Twitter द्वारा भी अपने विचार रख सकते हैं। जब भी आप अपने विचार प्रकट करें, #ChambaFirst टैग का अवश्य इस्तेमाल करें, जिससे सारी कड़ियाँ जुड़ सकें।

चम्बा फर्स्ट से जुड़े सभी लेख यहाँ पढ़ें

The post चम्बा फर्स्ट: इंजिनियर डॉ० उमेश राठौर ने अपने सात सूत्रीय विज़न डॉक्यूमेंट में दी शिक्षा को प्राथमिकता appeared first on HimVani.



This post first appeared on HimVani | Voice Of Himachal, please read the originial post: here

Share the post

चम्बा फर्स्ट: इंजिनियर डॉ० उमेश राठौर ने अपने सात सूत्रीय विज़न डॉक्यूमेंट में दी शिक्षा को प्राथमिकता

×

Subscribe to Himvani | Voice Of Himachal

Get updates delivered right to your inbox!

Thank you for your subscription

×