Get Even More Visitors To Your Blog, Upgrade To A Business Listing >>

चिकनगुनिया के इलाज में इमली बनेगी रामबाण, जानें वो कैसे

Tamarind Seeds Chikungunya Treatment : इमली के बीज में एंटीवायरल गुण पाए जाते हैं

Tamarind Seeds Chikungunya Treatment : इमली का नाम जैसे ही हम सुनते हैं तो हो सकता है आप में से कई लोग चटकारे लेने लगते हैं, तो वहीं कुछ इसकी खटास से नाक भी सिंकोडने लग जाते हैं.

आमतौर पर ये हर घर की रसोई में आसानी से मिल जाती है, ज्यादातर गर्भवती महिला तो अपने प्रसव काल के दौरान  सबसे ज्यादा सेवन इसी का करती हैं.
लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस इमली का प्रयोग कई रोगों को दूर करने में भी होता है.
हाल ही में IIT रुड़की के दो प्रोफसेरों ने ये दावा किया है कि इमली चिकनगुनिया जैसे गंभीर रोग को जड़ से खत्म करने में काफी मददगार साबित होगी.
पढ़ें – वैज्ञानिकों ने माना, ब्लड प्रेशर के रोगियों के लिए नीली रोशनी बनेगी चमत्कार
उन्होंने बताया कि इमली के बीजों में एक प्रोटीन का पता लगाया गया है जिसमें एंटीवायरल गुण पाए जाते हैं और चिकनगुनिया के इलाज के लिए दवा बनाने में उसका इस्तेमाल किया जा सकता है.
इस रिसर्च में शामिल एक असोसिएट प्रोफेसर जिनका नाम शैली तोमर है उन्होंने बताया कि भारत में इमली को कई औषधीय गुणों के लिए जाना जाता है और यह बहुत अच्छा आयुर्वेदिक खाद्य पदार्थ है.
शैली ने कहा कि पुराने समय से लोग इमली के फल,बीज,पत्तियो और जड़ों का इस्तेमाल पेट दर्द,डायरिया ,पेचिश,कब्ज,चोटऔर कई तरह के इंफेक्शन के इलाज में किया जाता है.
इसी को दिमाग में रखते हुए रिसर्च टीम ने अपनी स्टडी में पाया की इमली के बीज से निकाला गया वायरस कैप्स्यूल पर शुगर मॉलीक्यूल्स के साथ जुड़ जाता है जिसमें एन-एसिटाइलग्लूकोसेमाइन (NAG) होता है. इससे होता यह है कि होस्ट सेल्स तक वायरस की एंट्री नहीं हो पाती.
इसी तरह रिसर्चर्स ने इमली के बीज से लैक्टिन को अलग किया और उनके मॉलीक्यूल्स की वायरल कैप्स्यूल में पाए जाने वाले ग्लाइकेन से बाइंडिंग कराकर उसपर अध्ययन किया.
इसके बाद आखिर में टीम इस नतीजे पर पहुंची कि चिकनगुनिया के इलाज में यह काफी कारगर साबित हो सकता है.
गौरतलब है कि हमारा देश सदियों से गंभीर से गंभीर रोगों का आयुर्वेदिक तरीकों से इलाज करने में सक्षम रहा है.
मगर बदलते वक्त के साथ हम इस पर भरोसा करना छोड़ चुके हैं और खुद का झुकाव एलोपैथिक दवाइयों की ओर कर लिए हैं.
जिसका नतीजा यह रहता है कि हम एक रोग ठीक करने के एवज में अन्यों रोगों को घर में बुला लेतें हैं.
पढ़ें – जानें क्यों जरूरी है महिलाओं के लिए गर्भावस्था में जेनेटिक टेस्ट

क्य़ा है चिकनगुनिया

चिकनगुनिया एक तरह का वायरल इन्फैक्शन है जो मनुष्यों में चिकनगुनिया वायरस ले जाने वाले मच्छरों के काटने के कारण होती है.
इस बिमारी के शरीर में प्रवेश करने के बाद अचानक बुखार ,हड्डियों और मांसपेशियों में दर्द, सरदर्द,नोसिया, थकान और रैशेस होने लगते हैं.
बता दें कि आमतौर पर ये बीमारी मच्छर के काटने के 4 से 6 दिनों के बाद ही अपने लक्षण दिखाना शुरू करती है.

The post चिकनगुनिया के इलाज में इमली बनेगी रामबाण, जानें वो कैसे appeared first on HumanJunction.

Share the post

चिकनगुनिया के इलाज में इमली बनेगी रामबाण, जानें वो कैसे

×

Subscribe to Positive News India | Hindi Positive News | हिंदी समाचार | Humanjunction

Get updates delivered right to your inbox!

Thank you for your subscription

×