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मनाली में बसती है मेरी जान : अनस राशिद

-- छोटे पर्दे के चर्चित अदाकार अनस राशिद की मनाली यात्रा  --

मनाली रीवर रॉफ्टिंग के लिए सबसे बेहतरीन शहर है। कुल्लू से मंडी तक दरिया में होने वाली यहां की रीवर रॉफ्टिंग देखने लायक होती है। यहां का हडिंबा टैंपल भी मुझे अपनी ओर खिंचता है।

स्टॉर प्लस के बहुचर्चित टीवी शो ‘दीया और बाती हम’ में सूरज राठी का किरदार निभा घर-घर में लोकप्रिय हुए अनस राशिद मूल रुप से पंजाब के शहर मालेरकोटला के रहने वाले हैं। शो का पहला सेशन खत्म होने के बाद इन दिनों वह अपने पैतृक शहर मालेरकोटला में परिवार के साथ छुट्टियां इंज्वाय करते नजर आ रहे हैं। अनस बताते हैं कि यूं तो वह आज तक देश-विदेशों में बहुत घूम चुके हैं, परंतु अपने ही भारत देश के शहर मनाली में उनकी जान बसती है। प्राकृति के सौंदर्य से सजा यह शहर मुझे बेहद भाता है। जब भी शूटिंग की थकान मिटानी हो या फुर्सत का पल मिलता है तो सीधा छुट्टियां बिताने मनाली चला जाता हूं। मनाली का हडिंबा टैंपल, रीवर रॉफ्टिंग जहां मुझे अपनी ओर खिंचती है, वहीं साथ लगते सौलांग शहर में होने वाली पैराग्लाइडिंग भी मुझे बेहद भाती है। मैं अब तक करीब आठ-नौ बार मनाली जा चुका हूं। पिछले लगभग करीब छह सालों से लगातार शो में व्यस्तता के चलते इतने लंबे समय बाद पंजाब लौटा तो सबसे पहले अपने परिवार के साथ छुट्टियां इंज्वाय करने मनाली ही गया। अभी हाल ही में मनाली से छुट्टियां बिता रिलेक्स और रिफ्रेश होकर मालेरकोटला लौटा हूं।
मनाली की बर्फबारी, ऊंचे-ऊंचे व लहलहाते पेड़, मनाली के साथ लगते रोहतांग के पहाड़ मुझे आकर्षित करते हैं। यह शहर मेरे लिए वैसे भी बहुत लक्की रहा है, क्योंकि आज से करीब छह वर्ष पहले जब मुझे ‘दीया और बाती हम’ शो की आफर्स आई थी तो उस समय मैं मनाली ही घूम रहा था। यहां की तिब्बतियन मार्केट शॉपिंग के लिहाज से पर्यटकों के  लिए तोहफा है। वहीं यहां का हडिंबा टैंपल जगप्रसिद्ध है। भीम की पत्नी हडिंबा के नाम पर यह हडिंबा टैंपल सन 1553 में बना था। मनाली के लोग, यहां का  खान-पान, रहन-सहन सब अन्य शहरों से भिन्न है। मनाली अपने आप में कंप्लीट टूरिज्म प्लेस है।
प्रस्तुति : जगदीश जोशी, मुक्तसर
    अनस बताते हैं कि वह जब भी मनाली जाते हैं तो रास्ते में होशियारपुर के निकट पंजाबी ढाबे आने शुरु हो जाते हैं। यहां का पंजाबी खाना खाए बिना वह आगे नहीं जाते। अनस के अनुसार कुल्लू जाएं तो वहां की शॉल जरुर लेकर आएं, क्योंकि यहां की शॉल बहुत प्रसिद्ध है। वह जब भी जाते हैं तो अपनी मां के लिए यहां से शॉल जरुर लेकर जाते हैं। मनाली रुट पर जाते समय शूटिंग लोकेशनें भी याद आने लगती हैं, क्योंकि अनेकों फिल्मों की शूटिंगें इस हिल स्टेशन पर हो चुकी हैं। उन्हें मनाली का आचार भी भाता है। मनाली के पास सौलांग की पैराग्लाइडिंग और कुल्लू से मंडी तक बहने वाले दरिया में होने वाली रीवर राफ्टिंग पर्यटकों को यहां खिंचने का मुख्य कारण है। बड़े-बड़े फिल्म स्टार रॉफ्टिंग देखने के लिए यहां खिंचे चले आते हैं। मनाली के  लोग भी बहुत मददगार हैं। फन व एडवेंचर के लिहाज से यह जगह ऑल टाइम सीजनल है। इसीलिए इसे क्विन ऑफ माउंटेन भी कहा गया है।

-- इनसैट --
घूमना रह गया तो सिर्फ नैनीताल
अनस बताते हैं कि उन्होंने देश-विदेश में हर देखने लायक शहर घूम लिया है, मगर उत्तराखंड में पड़ते हिल स्टेशन नैनीताल जाने की इच्छा अभी भी अधूरी पड़ी है। अब बस नैनीताल घूमना ही रह गया है। मैंने फिल्मों में व कइयों से नैनीताल के बारे में खूब सुना है। इसलिए अब शीघ्र ही नैनीताल घूमने का भी प्रोग्राम बना रहा हूं।







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