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कट रहे, मर रहे, जेलों में सड रहे आम मुस्लिम, फिरका-फिरका खेल रहे मुल्ले

कोहराम में प्रकाशित खबर के अनुसार पाकिस्तान नेशनल एलायंस ने वहाबियत द्वारा देश में फैलाई जा रही अशांति का जिक्र करते हुए कहा: वहाबियत अहले सुन्नत में नहीं है।

पाकिस्तान नेशनल एलायंस ने लाहौर में एक संवाददाता सम्मेलन में आतंकवाद से मुकाबले के लिए चलाए जा रहे “रद्दुल फ़साद” आपरेशन का समर्थन करते हुए कहा है कि: सरकार सभी आतंकवादी समूहों और तकफ़ीरियों से मुक़ाबला करे और उनकी वित्तीय और बौद्धिक सहायता करने वालों को गिरफ्तार करे।

उन्होंने कहा: इस्लाम आतंकवाद के खिलाफ है, और आतंकवाद का इस्लाम से कोई संबंध नहीं है, और कहा: वहाबी और चरमपंथी जो इस देश में हत्या और दंगे के कारण हैं, उनका अहले सुन्नत समुदाय से कोई संबंध नहीं है, वह अहले सुन्नत से बाहर हैं।



पाकिस्तान नेशनल एलायंस के प्रमुख «साहेबज़ादा अबुलख़ैर मोहम्मद जुबैर» ने कहा: देश में सांप्रदायिक युद्ध नहीं है बल्कि एक गुट दूसरों से पैसे लेकर इस देश में अशांति फैला रहा है।

उन्होंने कहा: नागरिकों की सुरक्षा, सरकार की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है, और सरकार सांप्रदायिक युद्ध के बहाने अपनी जिम्मेदारी से भाग रही है।

साहेबज़ादा अबुलख़ैर मोहम्मद जुबैर ने ट्रम्प की राजनीति को दुनिया के लिए ख़तरा बताया और कहा: अमेरिका द्वारा भारत के समर्थन और भारत की अफगानिस्तान में गतिविधियों की वजह से यह क्षेत्र अशांत हो गया है।

उन्होंने इस्लामी पवित्र चीजों के अपमान और रसूले अकरम के बारे में सोशल मीडिया पर अपमानजनक सामग्री की निंदा की है।





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