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फ्लैटों की कीमतें घटाने और बढ़ोतरी पर लगाम लगाने के लिए तैयार होंगी गाइडलाइंस

तमाम कोशिशों के बावजूद बिक्री न होने से परेशान आवास एवं विकास परिषद फ्लैटों की कीमतें घटाने जा रहा है। इसके लिए वित्त नियंत्रक को दो महीने के भीतर प्रारूप तैयार करने को कहा गया है। फ्लैटों की कीमतें घटाने और कीमतों में होने वाले सालाना इजाफे पर लगाम लगाने के लिए मूल्यांकन निर्देशिका तैयार की जा रही है। इसके मुताबिक ही आवासीय योजनाओं में भवन या फ्लैट की लागत तय की जा सकेगी। 

आवास विकास परिषद की बोर्ड बैठक में सोमवार को कीमतें घटानें और उन्हें नियंत्रित रखने पर अहम फैसला हुआ। बोर्ड अध्यक्ष मुकुल सिंघल (प्रमुख सचिव आवास) ने वित्त नियंत्रक को फरवरी तक मूल्यांकन निर्देशिका तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने परिषद के महंगे फ्लैट और उनकी बढ़ती कीमतों पर चिंता जताते हुए इसे कम करने का सुझाव दिया था। इसे सोमवार को बैठक में मंजूरी दे दी। यही नहीं, जिन योजनाओं में फाइनल कास्टिंग के बाद 10 से 15 फीसदी तक लागत में इजाफे के संकेत थे, उनमें भी कमी हो सकती है, हालांकि नई दरों का ऐलान फरवरी में ही होगा। 

तीन गुना बढ़ी ईडब्ल्यूएस और एलआईजी की आय सीमा 
आवास विकास परिषद ने अपनी योजना में बने दुर्बल आय वर्ग (ईडब्ल्यूएस) और अल्प आय वर्ग (एलआईजी) श्रेणी के मकानों के लिए आय सीमा में तीन गुने तक इजाफे को मंजूरी दे दी। अब ईडब्ल्यूएस श्रेणी के मकानों के लिए आय वर्ग की सीमा एक लाख से बढ़ाकर तीन लाख और एलआईजी के लिए आय सीमा दो लाख से बढ़ाकर छह लाख कर दी गई है। बोर्ड अध्यक्ष मुकुल सिंघल के मुताबिक, आय वर्ग में इजाफे का शासनादेश पहले ही हो चुका था। इसे सोमवार को परिषद ने अपने नियमों में शामिल करने की औपचारिकता पूरी कर दी। 

कार्रवाई की जद में चीफ इंजिनियर, एसई और जेई 
आवास विकास परिषद के ग्रुप हाउसिंग प्रॉजेक्ट की लागत बढ़ने के मामले में जूनियर इंजिनियर और अधीक्षण अभियंता से लेकर पूर्व चीफ इंजिनियर तक कार्रवाई की जद में हैं। लखनऊ की अवध विहार योजना के सेक्टर दो में भागीरथी एन्क्लेव और मंदाकिनी एन्क्लेव में फ्लैटों की कीमतों में 20 फीसदी तक का इजाफा हुआ था। इसकी शुरुआती जांच में तत्कालीन अधीक्षण अभियंता (अब रिटायर्ड) और सहायक अभियंता एसके कुंदन को आरोपित बनाया गया था। इस साल अप्रैल में रिटायर हो चुके अधीक्षण अभियंता बीएस गुप्ता और सितंबर में रिटायर हुए चीफ इंजिनियर आरके अग्रवाल के खिलाफ भी कार्रवाई की सिफारिश की गई है। 

रुक सकता है 3872 फ्लैटों का निर्माण 
गाजियाबाद और मंडोला विहार योजना में बन रहे 3872 फ्लैटों की योजनाओं का बजट और निर्माण रोकने का प्रस्ताव भी बोर्ड बैठक में रखा गया। प्रस्ताव के मुताबिक, गाजियाबाद सेक्टर 7 और सेक्टर 10 में सेल्फ फाइनेंस स्कीम के तहत ब्रह्मपुत्र एन्क्लेव में 2016 फ्लैटों का निर्माण हो रहा है। मंडोला विहार में 1856 फ्लैट बनाए जा रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, गाजियाबाद के इन प्रॉजेक्ट में बन रहे फ्लैटों की तुलना में काफी कम पंजीकरण हुए हैं। ऐसे में इनका निर्माण रोकने या आवंटियों के मुताबिक ही फ्लैट के निर्माण को मंजूरी मिलेगी। 

कमिटी करेगी आम्रपाली के आवंटियों की सुनवाई 
बोर्ड बैठक में आम्रपाली योजना के आवंटियों का मामला भी रखा गया। यहां के आवंटियों ने किसान आंदोलन के कारण विकास कार्य ठप रहने को आधार बनाते हुए हाई कोर्ट में मामला दायर किया था। आवंटियों के मुताबिक, जितने दिन किसान आंदोलन चला, उतने समय के रखरखाव और ब्याज का भुगतान परिषद की तरफ से होना चाहिए। हाई कोर्ट ने इसके लिए परिषद को अपने स्तर से सुनवाई कर समाधान का आदेश दिया था। सोमवार को बोर्ड ने आम्रपाली के आवंटियों की सुनवाई के लिए कमिटी बना दी है, जो सभी पहलुओं की पड़ताल करेगी। 

इंटरनल ऑडिट को मंजूरी 
परिषद की योजनाओं में वित्तीय अनियमितता और भ्रष्टाचार से निपटने के लिए इंटरनल ऑडिट का फैसला किया गया है। अब तक परिषद में ऐसी कोई व्यवस्था नहीं थी। पिछले पांच वर्ष से स्थानीय निधि एवं लेखा विभाग द्वारा इंटरनल ऑडिट के लिए शासन को पत्र भी लिखा जा रहा था, लेकिन हर बार परिषद अधिकारी एजी से ऑडिट की बात कह पल्ला झाड़ लेते थे। अध्यक्ष मुकुल सिंघल ने कहा कि इस फैसले से परिषद के काम और फैसलों में पारदर्शिता आएगी। 



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