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IL&FS full form ? IL&FS Company Detail

IL&FS – Infrastructure Leasing & Financial Services

IL&FS एक भारतीय इंफ्रास्ट्रक्चर और फाइनेन्स कंपनी है। IL&FS वर्तमान में 250 से ज़्यादा सब्सिडियरी कम्पनीज (सहायक कंपनियाँ) चलाती है, इनमे मुख्य रूप से IL&FS Investment managers, IL&FS Transportation networks India Limited, IL&FS financial services जैसी कंपनियाँ शामिल हैं।

इसका उद्देश्य विश्व स्तरीय बुनियादी ढाँचे को विकसित करके और मूल्य वर्धित वित्तीय सेवाएँ प्रदान करके देश के विकास में एक प्रमुख भूमिका निभाना है। इसकी स्थापना 1987 में हाउसिंग डेवलपमेंट फाइनेंस कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HDFC), सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया (CBI) और यूनिट ट्रस्ट ऑफ इंडिया (UTI) द्वारा की गई थी। जुलाई 2020 तक, उदय कोटक IL&FS के अध्यक्ष हैं। इसके vice-president वर्तमान में Vineet Nayyar हैं।

IL&FS भारत के कई बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्राजेक्ट्स में शामिल हैं, जैसे की भारत की सबसे लंबी सुरंग (डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी सुरंग)। इस सुरंग को अप्रैल 2017 में यातायात के लिए खोल दिया गया था।

IL&FS Crisis : भारत की बड़ी कम्पनी होने के बाद भी 2018 में कंपनी अपने क़र्ज़ का भुगतान करने में असमर्थ हो गई थी, इसके बाद भारत सरकार ने कंपनी का नियंत्रण अपने हाथ में ले लिया और सरकार की तरफ़ से नए बोर्ड मेंबेर्स को नियुक्त किया।

IL&FS full form

IL&FS full form is – “Infrastructure Leasing & Financial Services Limited“.

IL&FS full form in Hindi :

IL&FS का Full Form हिंदी में – “इंफ्रास्ट्रक्चर लीजिंग एंड फाइनेंशियल सर्विसेज” है।
IL&FS भारत की बड़ी इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट और फाइनेंस कंपनी है। इसका मुख्यालय मुंबई, महाराष्ट्र में है।

IL&FS में किसका कितना हिस्सा है : IL&FS Ownership & Share Holders

मार्च 2018 तक, IL&FS Investment services के सबसे बड़े शेयरधारक इस प्रकार थे :

  • LIC – 25%
  • ORIX Corporation – 23%
  • IL&FS कर्मचारी कल्याण ट्रस्ट – 12%
  • भारतीय स्टेट बैंक – 12%
  • अबू धाबी निवेश प्राधिकरण – 12%
  • एचडीएफसी लिमिटेड – 9%
  • सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया – 7%

IL&FS का इतिहास – History of IL&FS

IL&FS का गठन 1987 में तीन वित्तीय संस्थानों – हाउसिंग डेवलपमेंट फ़ाइनेंस कॉर्पोरेशन (HDFC), सेंट्रल बैंक ऑफ़ इंडिया (CBI), और यूनिट ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया (UTI) द्वारा “RBI पंजीकृत कोर इन्वेस्टमेंट कंपनी” के रूप में किया गया था, ताकि प्रमुख अवसंरचना परियोजनाओं (Infrastructure Projects) के लिए वित्त और ऋण प्रदान किया जा सके। कुछ समय बाद IL&FS में दो बड़ी अंतरराष्ट्रीय कम्पनियों अर्थात् मित्सुबिशी (ओरिक्स कॉर्पोरेशन जापान के माध्यम से) और अबू धाबी निवेश प्राधिकरण ने निवेश किया था। इसके बाद, लाइफ इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन इंडिया, ओरिक्स और एडीआईए इसके सबसे बड़े शेयरधारक बन गए।

वर्तमान में, इसके संस्थागत शेयरधारकों में भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC), ORIX और अबू धाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी और कई भारतीय बैंक छोटी हिस्सेदारी के साथ शामिल हैं। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) 2017 तक शेयर होल्डर था, जिसके बाद उसने कंपनी में अपनी हिस्सेदारी बेची। Greenspring सहयोगियों सहित कुछ विदेशी निवेशक इसकी सहायक कंपनियों, विशेष रूप से IL&FS transportation और IL&FS infrastructure services में निवेशक बने हुए हैं।

2012 में, A2Z समूह ने नकद और स्टॉक डील में IL&FS Property Management & Services Ltd का अधिग्रहण किया था। यह सौदा इसकी सहायक कंपनी A2Z Infraservices Ltd के माध्यम से 250 मिलियन रुपये में किया गया था। IL&FS Infrastructure Equity Fund और IL&FS Employees Welfare Trust को 7 करोड़ रुपये का नकद भुगतान किया गया था, लेकिन इन्फ्रास्ट्रक्चर के shareholders ने स्टॉक स्वैप के माध्यम से A2Z Infraservices में 20% हिस्सेदारी भी ली।

अप्रैल 2019 में, इसके नए गठित बोर्ड ने निवेशकों को सूचित किया कि कंपनी की 302 सब्सिडी इकाइयाँ हैं, जिसके माध्यम से IL&FS वर्तमान में काम कर रही है।



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