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वायरल से बचाएं हल्दी और शहद

वायरल से बचाएं हल्दी और शहद 


इस मौसम में सर्दी, जुकाम, बुखार आदि की समस्याएं रहती है। अगर आपको भी ऐसी कोई तकलीफ हो तो यह दिए घरेलू उपाय अपना कर खुद को दुरुस्त कर सकते हैं।







बरसात का मौसम आनंददायक होता है, साथ ही कुछ परेशानियां भी साथ लेकर आता है. इस मौसम में खांसी, जुकाम, बुखार, सिर दर्द, उल्टी, दस्त, बदन दर्द, पांव की उंगलियों में घाव, खुजली आदि बीमारियां हो जाती हैं। यदि थोड़ी सी सावधानी बरती जाए तो आने वाली इन तकलीफों से बचा जा सकता है।

बरतें सावधानी:-


  1. बरसात में भीगने से यथासंभव बचें। 
  2. भीग जाए तो तुरंत सूखे कपड़े से सिर को रगड़कर सुखाएं। 
  3. बरसाती पानी में नंगे पांव ज्यादा ना घूमें। 
  4. बाजार के चाट पकौड़ों से बचें। 
  5. ए सी आदि के शीतल वातावरण से दूर रहें। 
  6. गीले कपड़े भी नहीं पहने। 


चपेट में आ जाए तो यह है उपचार



  • खांसी, जुकाम, नाक बंद हो तो तुलसी के पत्तों का रस, अदरक का रस एक एक चम्मच मिलाकर उसमें एक चम्मच शहद मिलाकर ले यह खुराक दिन भर में दो तीन बार ले, लाभ होगा। 
  • इस मौसम में नाक में सरसों का तेल लगाना भी काफी लाभदायक है। 
  • सिर दर्द, नाक बंद हो तो दो चम्मच ज्वाइन तवे पर गर्म करके कपड़े में बांधकर सूंघना या कपड़े में बंदी अजवाइन को हथेली पर रगड़ कर गर्म करके सूंघना लाभकारी है इन्हें दो-तीन मिनट सूंघना पर्याप्त रहेगा। 
  • जी मिचलाना, उल्टी आए तो नींबू का पानी पीना, नींबू चूसना, पुदीने का अर्क लेना, का टुकड़ा चूसना और अनार के रस में थोड़ा सा नींबू मिलाकर लेना लाभ प्रद साबित होता है। 
  • दस्त होने पर बिना दूध चाय बनाकर एक चम्मच देसी घी में  मिलाकर पीने से या सौंफ को उबालकर या सौंफ का अर्क पीने से लाभ होता है। 
  • बेल तोड़कर पानी में मथकर पिलाने से दस्त में लाभ होता है। 
  • पांव की उंगलियों में घाव हो जाए तो नीम के पत्तों को पानी में उबालकर पांव को धोकर जात्यादि  तेल लगाने से लाभ होता है।  ज्यादा संक्रमण की स्थिति में नीम के पत्तों का रस निकालकर गर्म करके उसमें जरा सा मोम, जरा सी हल्दी जरा सा घी डालकर पकाने पर लेप  तैयार होगा वह इन जख्मों को भरने में लाभकारी है। 
  • अगर पित्ती  हो जाए तो एक चम्मच देसी घी में चौथाई चम्मच काली मिर्च का चूर्ण मिलाकर उसे चाटना लाभकारी है। 
  • हरिद्राखंड एक-एक चम्मच सुबह शाम पानी के साथ देना लाभ प्रदान करता है। 
  • एसिडिटी खट्टी डकारें, सीने में जलन, मुंह का स्वाद कसैला हो तो हो तो फल, ताड़ का फल, नारियल का पानी, गन्ने की गंडेरी को चूसना, अदरक और नींबू मिलाकर उसमें थोड़ा नमक मिलाकर खाना उपयोगी है। 
  • एक चम्मच अविपत्तिकर चूर्ण 1 ग्राम नारी केल लावण मिलाकर खुराक तैयार करें ऐसी खुराक दिन में 3 बार पानी के साथ लेना लाभकारी है इस खुराक को खाना खाने के पहले लें। 
  • बुखार हो तो मृत्युंजय रस की एक गोली शहद में मिलाकर दिन में दो बार देने के अलावा एक चम्मच गिलोय के रस और एक चम्मच तुलसी के पत्तों के रस को मिलाकर दिन में 2 बार देने से बुखार में लाभ होता है। 
  • साबुत हल्दी के टुकड़े को तवे पर भून कर पीसकर शहद मिलाकर लेने से सर्दी, जुकाम, मौसमी संक्रमण मे लाभ होता है। 
  • अगर रात में मच्छर काटे तो सरसों के तेल में उतनी ही मात्रा में मिटी का तेल मिलाकर लगाने या नीम का तेल लगाकर सोने मच्छर नहीं काटते और आप संक्रमण की आशंका से बचे रहेंगे। 

वैद्य हरिकृष्ण पाण्डेय 'हरीश '




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