Get Even More Visitors To Your Blog, Upgrade To A Business Listing >>

भाजपा महानगर संगठन व मैयर से पंगा लेना भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा मंत्री को पडा महंगा” पार्टी ने दिखाया बाहर का रास्ता”

खबर समाचार दर्शन

सहारनपुर लोकसभा चुनाव में भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा मंत्री इमरान अंसारी ने नगर के मुस्लिम बाहुल्य 155 बूथो पर बस्ता न लगने ओर बस्तों से कार्यकर्ताओं को सर्च पानी के लिए दिये जाने वाले पैसे निकालने को लेकर एक मामला उजागर किया था। इसे लेकर इमरान अंसारी का मत था कि ऐसा करके भाजपा प्रत्याशी को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई है। जिसका खामियाजा भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा मंत्री को पार्टी से निष्कासन के रूप में भुगतना पड़ा। पार्टी संगठन ने इमरान को यह कहते हुए कि वह पार्टी विरोधी गतिविधियों में संलिप्त है”मंगलवार को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया। जिसकी घोषणा विधिवत रूप से समाचार पत्रों में प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से पार्टी संगठन द्वारा कर दी गई है। सहारनपुर लोकसभा चुनाव में लोकसभा प्रत्याशी राघव लखन पाल शर्मा द्वारा समस्त बूथों के साथ-साथ मुस्लिम बाहुल्य 155 बूथों के लिए भी बस्ते दिए गए थे।इमरान के अनुसार 5/7 भूतों को छोड़कर अन्य बूथों पर बसते नहीं लगाए गए थे।पार्टी से निष्कासित इमरान अंसारी से जब मोबाइल पर इस बाबत बात की गई तो उनका कहना था कि उनके आरोप निराधार नहीं”नगरीय संगठन व मैयर से मेरे कुछ सवाल हैं।1=क्या सभी मुस्लिम भूतों पर बसते लगाए गए यदि लगाए गए हैं तो उसका प्रमाण दें।2= जिन मुस्लिम बूथों पर बसते लगे हैं क्या वहां के कार्यकर्ताओं को बस्ते में दिए जाने वाले खर्च पानी के पैसे दिए गए हैं।3=क्या मेयर संजीव वालिया द्वारा सीएलसी जो इनके परिवारिक जनों की फर्म है इस को सफाई का ठेका देकर बाल्मीकि समाज का अधिकार उनका हक मारने का काम नहीं किया गया।4=क्या मेयर अवैध कमेले संचालित नहीं करवा रहे हैं जहां से वह रोज लाखों की रकम वसूलते हैं।5=क्या उनके द्वारा बेहट रोड पर वालिया मार्बल के नाम से सी-सी टाइल की फैक्ट्री नहीं लगाई गई है जहां से वह नगर निगम द्वारा बनने वाली सभी सड़कों के लिए ठेकेदारों को टाइलस सप्लाई करते हैं।6=क्या उनके खिलाफ खनन के मामले में आरसी नहीं कटी हुई है।7=क्या चर्चित खनन माफिया के साथ आज भी उनके संबंध नहीं हैं। इमरान अंसारी ने कहा इसके अतिरिक्त भी मेयर और नगरीय संगठन के बहुत से ऐसे क्रियाकलाप हैं जो मेरे द्वारा उजागर नहीं किए गए थे जिन्हें अब वह पार्टी के शीर्ष नेताओं के सामने उजागर करेंगे।

इमरान का कहना है उनके द्वारा जो भी कहा गया था या आगे पार्टी संगठन के शीर्ष अधिकारियों को बताया जाएगा वह सत्यता और साक्ष्यों पर आधारित होगा। जिसकी जांच पार्टी संगठन अपने स्तर से कर सकता है। उन्होंने कहा भाजपा नगरी संगठन ने अपने आपको घिरता देख उन्हें सच बोलने की सजा दी है। उन्होंने कहा वह पार्टी हित में आइंदा भी कार्य करते रहेंगे। बता दें भाजपा पदाधिकारियों द्वारा मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्रों में कार्यकर्ता और भूत अध्यक्षों के होते हुए भी बस्ते नहीं लगवाए थे। इसे लेकर भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा मंत्री इमरान अंसारी ने इस मामले को जोर-शोर से उठाया था जिसके पुरस्कार स्वरूप उन्हें पार्टी से निष्कासित किया गया है। वहीं इमरान अंसारी प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र नाथ पांडे के करीबी माने जाते हैं। ऐसे में इनका निष्कासन वापिस वापस हो पायेगा या नही कहना अभी मुश्किल होगा।

रिपोर्ट: सैयद फहीम



This post first appeared on Samachar Darshan, please read the originial post: here

Share the post

भाजपा महानगर संगठन व मैयर से पंगा लेना भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा मंत्री को पडा महंगा” पार्टी ने दिखाया बाहर का रास्ता”

×

Subscribe to Samachar Darshan

Get updates delivered right to your inbox!

Thank you for your subscription

×