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GST Me Badi Safalta Rajyon Ke Loss Ki Bharpai Liye Law Draft Ko Manj

GST में बड़ी सफलता, राज्यों के लॉस की भरपाई के लिए लॉ के ड्राफ्ट को मंजूरी

अरुण जेटली ने कहा, जीएसटी काउंसिल अलग-अलग गुड्स और सर्विसेज पर जीएसटी की दरों को तय करने का काम भी करेगी।
नई दिल्ली. जीएसटी काउंसिल ने पूरे देश में एक जैसा नया इनडायरेक्ट टैक्स सिस्टम लागू करने की तरफ एक और कदम बढ़ा दिया है। काउंसिल ने राज्यों को होने वाले रेवेन्यू लॉस की भरपाई करने वाले कानून के ड्राफ्ट को शनिवार को मंजूरी दे दी। इसमें राज्यों के नुकसान की हालत में कॉम्पनसेशन का प्रोविजन किया गया है। तीन बिल अगली मीटिंग के लिए टले...



- जीएसटी काउंसिल ने जीएसटी को लागू करने के लिए प्रपोज्ड 3 अन्य बिलों के ड्राफ्ट को मंजूरी देने का काम अगली मीटिंग पर टाल दिया गया है, जो 4-5 मार्च को होगी।
- इनमें सेंट्रल जीएसटी (सीजीएसटी), इंटिग्रेटेड जीएसटी (आईजीएसटी) और स्टेट जीएसटी (एसजीएसटी) बिल शामिल हैं, जिनके 5-6 प्रोविजंस की लीगल लैंग्वेज को लेकर मंजूरी रुकी हुई है।
- जीएसटी के लागू होने से केंद्र और स्टेट के लेवल पर लागू तमाम इनडायरेक्ट टैक्स उसमें शामिल हो जाएंगे।
- यह कॉम्पनसेशन बेस्ड सिस्टम है जो गुड्स और सर्विसेज की बिक्री, मैन्युफैक्चरिंग और कंजम्प्शन पर लगाया जाएगा।
- इससे पूरे देश में एक समान इनडायरेक्ट टैक्स सिस्टम लागू होगा।

बजट सेशन के दूसरे फेज में पेश होंगे बिल
- फाइनेंस मिनिस्टर अरुण जेटली ने दिन भर चली बैठक के बाद उम्मीद जताई कि इन बिलों को काउंसिल की अगली मीटिंग में मंजूर कर लिया जाएगा।
- ताकि इन्हें अगले महीने संसद के बजट सेशन के दूसरे फेज में पास कराने के लिए पेश किया जा सके।

चार टैक्स रेट्स का प्रपोजल
- जेटली ने कहा कि जीएसटी काउंसिल अलग-अलग गुड्स और सर्विसेज पर जीएसटी की दरों को तय करने का काम भी करेगी।
- गुड्स और सर्विसेज को जीएसटी की प्रपोज्ड चार लेवल टैक्स रेट्स 5, 12, 18 और 28% में कैटेगराइज किया जाना है।
- जेटली ने कहा कि जीएसटी कॉम्पनसेशन बिल को काउंसिल की आज की मीटिंग में मंजूरी दे दी गई है।
- इस बिल में जीएसटी लागू होने पर राज्यों को 5 साल तक रेवेन्यु लॉस की स्थिति में कॉम्पनसेशन के प्राेविजंस हैं।

जुलाई से लागू करना चाहती है सरकार
- सरकार 1 जुलाई से ही जीएसटी को लागू करना चाहती है, लेकिन इसके लिए उसे पहले सेंट्रल जीएसटी एक्ट और इंटिग्रेटेड जीएसटी एक्ट को संसद से मंजूरी दिलवानी होगी।
- इसके साथ ही हर स्टेट असेंबली से स्टेट जीएसटी एक्ट को मंजूरी मिलना जरूरी होगा।

GST Me Badi Safalta , Rajyon Ke Loss Ki Bharpai Ke Liye Law Ke Draft Ko Manjoori

Arun jetli ne Kahaa , GST Council Alag - Alag Goods Aur Services Par GST Ki Daron Ko Tay Karne Ka Kaam Bhi Karegi ।
Naee Delhi. GST Council ne Pure Desh Me Ek Jaisa Naya InDirect Tax System Lagu Karne Ki Taraf Ek Aur Kadam Badha Diya Hai । Council ne Rajyon Ko Hone Wale Revenue Loss Ki Bharpai Karne Wale Kanoon Ke Draft Ko shaniwar Ko Manjoori De Dee । Isme Rajyon Ke Nuksan Ki Halat Me Compensation Ka Provision Kiya Gaya Hai । Teen Bill Agli Meeting Ke Liye tale...



- GST Council ne GST Ko Lagu Karne Ke Liye Proposed 3 Anya Billo Ke Draft Ko Manjoori Dene Ka Kaam Agli Meeting Par Taal Diya Gaya Hai , Jo 4 - 5 March Ko Hogi ।
- Inme Central GST (CGST) , Integrated GST (IGST) Aur State GST (SGST) Bill Shamil Hain , Jinke 5 - 6 Provisions Ki Legal Language Ko Lekar Manjoori Ruki Hui Hai ।
- GST Ke Lagu Hone Se Kendra Aur State Ke Level Par Lagu Tamaam InDirect Tax Usme Shamil Ho Jayenge ।
- Yah Compensation Based System Hai Jo Goods Aur Services Ki Bikri , Manufacturing Aur Consumption Par Lagaya Jayega ।
- Isse Pure Desh Me Ek Saman InDirect Tax System Lagu Hoga ।

Budget Session Ke Doosre Phase Me Pesh Honge Bill
- Finance minister Arun jetli ne Din Bhar Chali Baithak Ke Baad Ummeed Jatai Ki In Billo Ko Council Ki Agli Meeting Me Manjoor Kar Liya Jayega ।
- Taki Inhe Agle Mahine Sansad Ke Budget Session Ke Doosre Phase Me Paas Karane Ke Liye Pesh Kiya Jaa Sake ।

Char Tax Rates Ka Proposal
- jetli ne Kahaa Ki GST Council Alag - Alag Goods Aur Services Par GST Ki Daron Ko Tay Karne Ka Kaam Bhi Karegi ।
- Goods Aur Services Ko GST Ki Proposed Char Level Tax Rates 5 , 12 , 18 Aur 28th Me Categorize Kiya Jana Hai ।
- jetli ne Kahaa Ki GST Compensation Bill Ko Council Ki Aaj Ki Meeting Me Manjoori De Dee Gayi Hai ।
- Is Bill Me GST Lagu Hone Par Rajyon Ko 5 Sal Tak Revenue Loss Ki Stithi Me Compensation Ke Provisions Hain ।

July Se Lagu Karna Chahti Hai Sarkaar
- Sarkaar 1 July Se Hee GST Ko Lagu Karna Chahti Hai , Lekin Iske Liye Use Pehle Central GST Act Aur Integrated GST Act Ko Sansad Se Manjoori DilWani Hogi ।
- Iske Sath Hee Har State Assembly Se State GST Act Ko Manjoori Milna Jaroori Hoga ।



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