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रक़ीबों का मुझ से गिला हो रहा है - बेखुद बदायुनी

रक़ीबों का मुझ से गिला हो रहा है ये क्या कर रहे हो ये क्या हो रहा है दुआ को नहीं राह मिलती फ़लक की कुछ ऐसा हुजूम-ए-बला हो रहा है वो जो कर रहे हैं बजा कर रहे हैं ये जो हो रहा है बजा हो रहा है वो...

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