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सामना घनघोर है भाई - नवीन माथुर पंचोली

सामना घनघोर है भाई आदमी कमजोर है भाई कौन-किसकी सुन रहा है हो रहा अब शोर है भाई आप हो महफूज़ उससे, उसके दिल में चोर है भाई चल रही है साँस जब तक हौसला पुरजोर है भाई साथ अपने ही चलेगी जो गले की डोर...

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