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फिर मुझको रसखान बना दे - बेकल उत्साही

माँ मेरे गूंगे शब्दों को गीतों का अरमान बना दे गीत मेरा बन जाये कन्हाई, फिर मुझको रसखान बना दे देख सकें दुख-दर्द की टोली, सुन भी सकें फरियाद की बोली, माँ सारे नकली चेहरों पर आँख बना दे,कान बना...

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