Get Even More Visitors To Your Blog, Upgrade To A Business Listing >>

नीति आयोग के CEO अमिताभ कांत ने कहा बिहार-UP के कारण पिछड़ा हुआ है भारत

नीति आयोग के CEO अमिताभ कांत ने कहा बिहार-UP के कारण पिछड़ा हुआ है भारत

नई दिल्ली |नीति आयोग के सीईओ (CEO)मुख्य कार्यकारी अधिकारी का एक बड़ा बयान सामने आया है उन्होंने, अपना बयान देते हुए कहा कि भारत के इन राज्य,की वजह से भारत आज तरक्की नहीं कर पा रहा है| और वहां बाकी सारी देशों से पिछड़ा हुआ है, उन्होंने कहा कि बिहार, उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों के कारण आज देश, बाकी सभी देशों से पिछड़ा हुआ है| और नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत ने कहा कि आसानी से व्यापार करने के मामले में देश में तेजी से सुधार किया है और दूसरी ओर मानव विकास सूचकांक में भारत अभी भी पिछड़ा हुआ है|

अमिताभ कांत का कहना है कि भारत के दक्षिणी और पश्चिमी राज्य बहुत तेज गति से प्रगति के पथ पर, आगे बढ़ रहे हैं और मानव विकास सूचकांक की रिपोर्ट में पूरे विश्व के 188 देश है| उनमें से हमारा भारत 133 वें स्थान पर आता है|बयान जामिया मिल्लिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी में पहले अब्दुल गफ्फार खान स्मारक व्याख्यान के दौरान दिया।

नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत ने कहा कि मानव विकास सूचकांक की रिपोर्ट में हमें यदि अगर आगे बढ़ना है तो सामाजिक संकेतों पर गौर करना होगा| हम आकांक्षा जिला कार्यक्रम के जरिए इन चीजों पर काम कर रहे हैं| और आप सभी को हम बता देते हैं कि नीति आयोग के सीईओ ने जिन राज्यों का नाम लिया है उन सभी राज्यों में एनडीए की सरकार है| चैलेंजेज ऑफ ट्रांसफॉर्मिंग इंडियाके मुद्दे पर उन्होंने इस बात पर बयान दिया सोमवार के दिन उन्होंने यह बयान दिया उन्होंने सामाजिक संकेतों पर विशेष जोर दिया,उन्होंने मानव सूचकांक की रिपोर्ट पर भी काफी कुछ बयान दिया और उसके बारे में लोगों को बताया कि किस तरह हमारा भारत इस रिपोर्ट में इतनी पीछे है| लोगों से अपनी मंशा जाहिर,अब दिलचस्प बात यह है कि, उनके इस बयान पर सोशल मीडिया पर लोग किस तरह लेते हैं|

The post नीति आयोग के CEO अमिताभ कांत ने कहा बिहार-UP के कारण पिछड़ा हुआ है भारत appeared first on Rojgar Rath News.



This post first appeared on Rojgarrath News, please read the originial post: here

Share the post

नीति आयोग के CEO अमिताभ कांत ने कहा बिहार-UP के कारण पिछड़ा हुआ है भारत

×

Subscribe to Rojgarrath News

Get updates delivered right to your inbox!

Thank you for your subscription

×