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तनाव के कारण दो साल में 5 पुलिसकर्मियों ने किया सुसाइड

बठिंडा | पंजाब पुलिस एक दिन में 14 से 18 घंटे की ड्यूटी करने के चलते मानसिक तनाव का शिकार हो रही है। सप्ताह में एक छुट्टी देने की योजना भी लागू नहीं हो सकी। यही कारण है कि पंजाब पुलिस के डिप्रेशन में आए कर्मचारी या तो लोगों को गैरकानूनी हिरासत में रखकर प्रताड़ित करते हैं या फिर आए दिन उनके ऊपर पब्लिक से अभद्र व्यवहार करने के आरोप लगते हैं।

मानवाधिकार आयोग पंजाब के पास दो हजार से अधिक शिकायते पिछले दो साल से पुलिस विभाग की पहुंची है। पिछले दो साल में पुलिस के 5 कर्मचारियों ने आत्महत्या की तो करीब 12 कर्मचारियों की संदिग्ध अवस्था में मौत हुई जिसमें पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण जहरीली चीज खाने या ब्लडप्रेशर बढ़ना शामिल है।

पंजाब पुलिस के मुलाजिम मोटापे से बेहद परेशान हैं। अधिकतर मोटे पुलिस कर्मी इस समय हाई ब्लड प्रेशर व हार्ट के मरीज हैं। पुलिस कर्मचारियों की फिटनेस की जांच कैप में इस बात का खुलासा हुआ है कि 50 प्रतिशत पुलिस मुलाजिमों को हाई कोलेस्ट्रोल है। ऐसे कई पुलिस मुलाजिमों की ड्यूटी दौरान हार्ट अटैक से मौत भी हो चुकी है।

पुलिस की कार्यप्रणाली भी तनाव का कारण | समाजशास्त्री डा. अरुण कुमार का कहना है कि पुलिस की कार्यप्रणाली का उनके मानसिक स्वास्थ्य पर प्रभाव पड़ रहा है। इसमें काम करने के अनिश्चित घंटे, मूलभूत सुविधाओं का अभाव, छुट्टी को लेकर असमंजस की स्थिति, प्रमोशन के लिए लंबा इंतजार करना आदि बिंदु शामिल हैं। इस दौरान कई पुलिसकर्मियों ने राजनीतिक हस्तक्षेप को भी एक मुख्य समस्या रहती है। पुलिसकर्मी सिर दर्द, माइग्रेन, चिड़चिड़ापन, उत्तेजित होना, हृदय रोग, एंग्जाइटी, पेट संबंधी समस्याएं, मोटापा आदि बीमारियों के शिकार हो रहे हैं।

सोमवार को जैतो में डीएसपी ने खुद को गोली मारकर की आत्महत्या
26 जनवरी 2018 की परेड में जगराओं के सीनियर सेकेंडरी स्कूल में चल रहे सब डिविजन समागम के दौरान पंजाब पुलिस के सिपाही मनजीत सिंह ने ख़ुद को गोली मार कर आत्महत्या कर ली। मृतक सिपाही सीटी जगराओं पुलिस थाने के प्रमुख का गनमैन था।

11 जून 2017 को लुधियाना-फिरोजपुर रोड़ पर स्थित मंडी जगराओं इलाके के थाना जोधां के रेस्ट रूम में महिला पुलिस कर्मचारी का शव संदिग्ध हालत में कमरे के पंखे से लटकता हुआ मिला। पुलिस के मुताबिक, मृतका ने शुक्रवार रात को पंखे से फंदा लगाकर जीवन लीला खत्म कर ली।

25 मई 2017 को बरनाला के हमीदी वासी हवलदार बरिन्द्र जीत सिंह जोकि थाना पक्खो कैंचियां में तैनात था ने जहरीली चीज पीकर आत्महत्या कर ली। पारिवारिक सदस्यों ने आरोप लगाया कि एक थानेदार पर पुलिस कर्मचारी की धमकी से दुखी होकर उसने आत्महत्या की।

29 जनवरी 2018 को फरीदकोट के जैतो में कॉलेज में झगड़े को निपटाने पंहुचे डीएसपी बलजिंदर संधु ने खुद को गोली मार कर आत्महत्या कर ली। बठिंडा के आईजी मुखविंद्र शीना ने करते कहा कि पुलिस कर्मचारी मानसिक तनाव के चलते इस तरह का कदम उठा रहे हैं।

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