Get Even More Visitors To Your Blog, Upgrade To A Business Listing >>

अब व्यापारी जीएसटी बिल गलत जनरेट होने पर सुधार कर सकते है सिर्फ 24 घंटे से पहले

अब व्यापारी जीएसटी बिल गलत जनरेट होने पर सुधार कर सकते है सिर्फ 24 घंटे से पहले

सीकर | प्रदेश में 20 दिसंबर से ई-वे बिल लागू हो जाएगा। इसके बाद गुड्स एंड सर्विस टैक्स (जीएसटी) में 50 हजार रुपए से अधिक की खरीद-बिक्री और परिवहन के लिए ई-वे बिल का ही प्रयोग किया जाएगा। यह फार्म-49 का स्थान लेगा। इससे कर चोरी पर पूरी तरह पाबंदी लग जाएगी।

इसको लेकर विभागीय अधिकारी व्यापारियों को जागरूक करने के लिए जगह जगह सेमिनार और कार्यशालाओं का आयोजन कर रहे हैं। वाणिज्य एवं कर विभाग के उपायुक्त विक्रम सिंह बारहठ ने बताया कि सीकर जिले में कई जगहों पर कार्यशालाओं का आयोजन किया जा चुका है। इसके अलावा शहरी क्षेत्र में भी जागरुकता अभियान चलाकर व्यापारियों को ई-वे बिल की जानकारी दी जा रही है।

राजस्थान समेत पांच राज्यों में लागू होगा ई-वे बिल प्रोजेक्ट
केंद्र सरकार ने पायलट प्रोजेक्ट के रूप में इसकी शुरुआत 12 सितंबर 2017 को कर्नाटक से की थी। कर्नाटक में प्रति दिन करीब सवा लाख ई-वे बिल जनरेट हो रहे हैं। इसके वहां सफल परिणाम आने के बाद पांच और राज्यों मध्यप्रदेश, राजस्थान, नागालैंड, केरल और उत्तराखंड में लागू किया जा रहा है।

क्या है ई-वे बिल? : 10 किलोमीटर से अधिक की दूरी के लिए यदि 50 हजार रुपए से अधिक कीमत की वस्तु को एक राज्य से दूसरे राज्य या फिर राज्य के भीतर लाया-ले जाया जाता है, तो खरीददार-विक्रेता या फिर ट्रांसपोर्टर में से किसी एक को ई-वे बिल को जनरेट करना होगा। विक्रेता के लिए यह बिल उन वस्तुओं के ट्रांजिट के लिए भी बनाना जरूरी होगा, जो जीएसटी के दायरे में नहीं आती हैं। इसे एनआईसी की साइट से डाउनलोड किया जा सकेगा तथा यह पूरे देश में वैध होगा।

100 किमी के लिए बिल एक दिन तक वैध: यदि कारोबारी से ई-वे बिल गलत जनरेट हो जाता है तो उसमें सुधार के लिए 24 घंटे का समय मिलेगा। 100 किलोमीटर के लिए ई-वे बिल एक दिन तक वैध माना जाएगा। अधिकारियों का दावा है कि जीएसटी से पहले तक मालवाहक वाहन एक दिन में 250 किलोमीटर चलते थे अब वे एक दिन में करीब 500 किलोमीटर तक चलेंगे। इससे वस्तु का परिवहन जल्द हो सकेगा।

इन छह तरीकों से डाउनलोड कर सकते हैं ई-वे बिल : वेबपोर्टल से जनरेट हो सकेगा, एंड्रायड मोबाइल से जनरेट हो सकेगा, की-पेड मोबाइल से एसएमएस के जरिए, बल्क जनरेशन (एक साथ 200 बिल डाउनलोड करना) के लिए सरकार टूल ऑफ लाइन लिंक उपलब्ध करवाएगी, एपीआई सॉफ्टवेयर (आईओसी जैसी कंपनियों के लिए एक साथ 1000 बिल डाउनलोड करना) के लिए सरकार लिंक उपलब्ध करवाएगी और सर्विस प्रोवाइडरों को लाइसेंस देना जिससे वे ई-वे बिल को जनरेट कर सकें।

The post अब व्यापारी जीएसटी बिल गलत जनरेट होने पर सुधार कर सकते है सिर्फ 24 घंटे से पहले appeared first on Rojgar Rath News.



This post first appeared on Rojgarrath News, please read the originial post: here

Share the post

अब व्यापारी जीएसटी बिल गलत जनरेट होने पर सुधार कर सकते है सिर्फ 24 घंटे से पहले

×

Subscribe to Rojgarrath News

Get updates delivered right to your inbox!

Thank you for your subscription

×