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इंसानियत की ज़रूरत है - Importance of humanity

नफरत करने वाले क्या समझेंगे
कि इंसानियत क्या चीज़ होती है ..
उन्हें तो रंगों में भी हिन्दू और मुसलमान दिखता है...
वो क्या समझेंगे भावनाएं क्या चीज़ होती है....
सत्ता के भूखे नफरत घोलते है
वो जब भी मुंह खोले
सिर्फ जहर ही बोलते हैं...
हैरान नही बहुत परेशान हो जाता हूं
इंसानों के रूप में छिपे कुछ भेड़िये
जिंदगियों के साथ कैसे खेलते है...
कभी कभी देर रात तक नींद बस यह सोचकर नहीं आती
क्या कभी कुछ सही होगा भी....
या समूचा देश राम और वन्देमातरम के नाम पर
मूर्ख बनता रहेगा....
गरीबों के घर उजड़ जाते है...
मासूमों की ज़िंदगी तबाह हो जाती है..
कोई अपनी आंख खो देता है...
कोई अपना बेटा खो देता है...
मिलता क्या है राम और वन्देमातरम कहने से?
जो बात लड़ाई की जननी हो
वो की ही क्यूँ जाती है. .
सरकारों में जेड प्लस सुरक्षा में बैठे
मक्कार नेताओं की रूह भी नहीं कांप पाती है...
सब उनका ही किया कराया होता है...
बस झेलने वाला मासूम और गरीब ही होता है...



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