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शब्द

खो गए हैं
कुछ शब्द मेरे
जो है मेरे समीप
रहते थे आसपास मेरे ही,
कहना चाहता हूँ
ढेरों कहानियां कविताएं
कुछ आपबीती
और कुछ जगबीती
परंतु वो शब्द खो गए हैं,
ढूंढता रहता हूं उन्हें
कहीं तो होंगे ही
मिलेंगे जरूर , गई ये आस,
तब मैं शामिल हो जाऊंगा
तुम्हारी महफ़िल में
तुम्हारे कहकहों में
अभी मैं ढूंढ लूं उन्हें,
तुम भी देखना
तुम्हारे पास ही तो नहीं कहीं
वो शब्द
जो खो गए है
और ढूंढ रहा हूँ जिन्हें
मैं आसपास।



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