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मित्र मंडली - 106




इस अंक के छह रचनाकार

वंदे मातरम्

अनुराधा चौहान जी 

रग -रग में देश-भक्ति की अलख जगाती और देश के लिए अपना सर्वस्य  न्योछावर करने को प्रेरित करती सुन्दर रचना।

खंडहर-सी जिंदगी

अभिलाषा चौहान जी 

अपने में मस्त रहने की प्रवृति को नकारती एवं एकाकी जीवन जीने से बचने की राह दिखाती सुन्दर रचना।

जो बजा डमरू इलेक्शन का

आँचल पाण्डेय जी 

चुनाव आने वाला है और इसी मौके पर सभी राजनीतिक दलों पर व्यंग करती  सुन्दर रचना।

गीत

श्वेता सिन्हा जी 

आम आदमी के जीवन की जद्दोजहद को शिद्दत से महसूस करती भावपूर्ण रचना। 

कोहरा 

अनीता सैनी  जी 

"मौसम कोई भी हो उसके अपने फायदे एवं नुकसान होते है और अपने शरीर को मौसम अनुरूप ढालने के लिए उपाय भी होते है। प्रकृति एवं जीवन में आए परिवर्तन को सहज रूप में स्वीकार करने की प्रेरणा देती सुन्दर प्रस्तुति। 

अभागिन

पुरुषोत्तम कुमार सिन्हा जी 

परिस्थितिवश कभी-कभी प्रेयसी अपने प्रेमी से अपनेआप को अभागिन कहती है। इस संबोधन को सुन प्रेमी के घायल दिल की आवाज़ को शब्द देती सुंदर भावपूर्ण रचना।

आशा है कि मेरा प्रयास आपको अच्छा लगेगा । आपका सुझाव अपेक्षित है। अगला अंक 04-02-2019  को प्रकाशित होगा। धन्यवाद ! अंत में ....


नोट : पुराने मित्र-मंडली पोस्टों को मैंने मित्र-मंडली पेज पर सहेज दिया है और अब से प्रकाशित मित्र-मंडली का पोस्ट 7 दिन के बाद केवल मित्र-मंडली पेज पर ही दिखेगा, जिसका लिंक नीचे दिया जा रहा है : https://rakeshkirachanay.blogspot.com/p/blog-page_25.html मित्र-मंडली के प्रकाशन का उद्देश्य मेरे मित्रों की रचना को ज्यादा से ज्यादा पाठकों तक पहुँचाना है। आप सभी पाठकगण से निवेदन है कि दिए गए लिंक के पोस्ट को पढ़ कर, टिप्पणी के माध्यम से अपने विचार जरूर लिखें। विश्वास करें ! आपके द्वारा दिए गए विचार लेखकों के लिए अनमोल होगा।





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